गौरेला पेंड्रा मरवाही: भ्रष्टाचार के खिलाफ शिक्षिका की जंग, कलेक्टर से मिलकर खोली शिक्षा विभाग की पोल
संजीव शुक्ला और शाखा प्रभारी मीना मराबी द्वारा उनसे 5 हजार रुपये की रिश्वत ली गई

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला झगराखांड में पदस्थ शिक्षिका कविता भतपहरी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षिका ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर संतोष देवांगन से करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षिका कविता भतपहरी का आरोप है कि उनके लंबित एरियर भुगतान के एवज में गौरेला के विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला और शाखा प्रभारी मीना मराबी द्वारा उनसे 5 हजार रुपये की रिश्वत ली गई। आरोप है कि राशि लेने के बावजूद उनका भुगतान लंबे समय तक रोके रखा गया और उन्हें लगातार कार्यालय के चक्कर कटवाए गए।

मीडिया से चर्चा करते हुए शिक्षिका ने कहा कि पिछले एक वर्ष से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। कई बार आवेदन और अनुरोध करने के बावजूद उनका एरियर भुगतान लंबित रखा गया। आखिरकार लगातार दबाव और भागदौड़ के बाद 11 मई को उनका भुगतान जारी किया गया।
मामले को गंभीर बनाते हुए शिक्षिका ने दावा किया कि उनके पास रिश्वत मांगने और लेन-देन से जुड़ी कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसे उन्होंने सबूत के तौर पर कलेक्टर को सौंप दिया है। उन्होंने मांग की है कि दोनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।

वहीं, जिला प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि एक शिक्षिका को अपने वैधानिक भुगतान के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है, तो आम कर्मचारी और ग्रामीण किस तरह व्यवस्था का सामना कर रहे होंगे। जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।










